Search This Blog

Pages

Thursday, January 05, 2017

एक लड़की

जब वो पैदा हुई तो
बाप को सिर्फ पुत्र की चाह थी

हर मोड़ पर  उसकी इच्छाओ की
कुर्बानगाह  थी

छेड़ा  था उसे कई लड़को ने
रिश्तेदारो की भी गलत निगाह थी

हुआ प्यार था उसे किसी से
पर उस शख्स को उसकी कदर ही कहा थी

बांध दिया गया था उसे शादी की बेड़ियो में
उसकी इच्छा की किसे परवाह थी

और वो तो चाहती थी की रूह सौप  दे अपने उस पति को
मगर उसकी सिर्फ बदन पे निगाह थी

होता था रोज बलात्कार उसके मन का और शरीर  का भी
सारी  कायनात उसकी बेबसी की गवाह थी

 दे दिया पूरा जीवन बच्चो को सँभालने में
पर बुढ़ापे में उसके लिए घर में जगह की कहा थी

और मर गई एक रोज वो
वो उसकी ज़िन्दगी की सबसे अच्छी सुबह थी।